नमस्कार प्राइम छत्तीसगढ़ के खास प्रोग्राम कहा गए पार्षद ? में आपका स्वागत है आज हम बात करेंगें मुंगेली नगर पालिका के अंतर्गत आने वाले वार्ड राजेंद्र वार्ड की….
कहा गए पार्षद?
मल्हापारा में ‘कचरा राज’, सफाई व्यवस्था बेअसर—जनप्रतिनिधि लापता!
राजेंद्र वार्ड बना कूड़ाघर… आवारा मवेशियों का अड्डा, बदबू से बेहाल लोग… पार्षद पर उठे तीखे सवाल
मुंगेली (मल्हापारा) से खास रिपोर्ट: “कहा गए पार्षद?” अभियान के तहत आज हम पहुंचे मुंगेली नगर पालिका के राजेंद्र वार्ड मल्हापारा… जहां की तस्वीरें देखकर साफ समझ आता है कि यहां विकास नहीं, बल्कि गंदगी ने डेरा डाल रखा है।
यहां सड़क किनारे कचरे का ऐसा अंबार लगा है, मानो किसी ने पूरे वार्ड को ही डंपिंग यार्ड घोषित कर दिया हो। प्लास्टिक, सड़ी-गली सामग्री, घरों का कचरा और उस पर मंडराती बदबू… हालात इतने बदतर हैं कि लोगों का घर से निकलना तक दूभर हो गया है।
और मजेदार—या कहें शर्मनाक—बात ये है कि इस कचरे पर आवारा मवेशियों की ‘दावत’ चल रही है। गायें खुलेआम कचरा खंगाल रही हैं, मानो नगर पालिका ने सफाई का ठेका इन्हीं को दे दिया हो!
स्थानीयों का गुस्सा फूटा:
इलाके के लोगों का कहना है कि “यह कोई एक-दो दिन की बात नहीं है… कुछ दिनों से कचरा नहीं उठाया गया।
”
कुछ लोगों ने तंज कसते हुए कहा—“लगता है पार्षद जी को रास्ता ही भूल गया है, तभी तो वार्ड की सुध लेने नहीं आते!”
वार्ड पार्षद पर सीधा सवाल:-
अब बड़ा सवाल ये है कि वार्ड के पार्षद आखिर कहां हैं?
क्या उन्हें इस गंदगी की भनक नहीं… या फिर ये मान लिया गया है कि जनता सब सह लेगी?
चुनाव के वक्त दरवाजे-दरवाजे पहुंचने वाले जनप्रतिनिधि अब इस बदबूदार हकीकत से दूर क्यों हैं?
नगर पालिका के दावों की खुली पोल:-
एक तरफ नगर पालिका सफाई व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, दूसरी तरफ जमीनी सच्चाई उन दावों को ठेंगा दिखा रही है। मल्हापारा की ये तस्वीरें किसी रिपोर्ट की मोहताज नहीं… खुद ही पूरी कहानी बयां कर रही हैं।
बीमारी का खतरा भी मंडराया:-
गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है… ऐसे में सड़ता कचरा और बढ़ती बदबू बीमारियों को खुला न्योता दे रही है। मच्छर, संक्रमण और अस्वच्छता का खतरा हर दिन बढ़ रहा है, लेकिन जिम्मेदारों की नींद अभी भी गहरी है।
आखिरी सवाल—जवाब कौन देगा?
क्या मल्हापारा के लोग इसी तरह गंदगी के बीच जिंदगी बिताने को मजबूर रहेंगे? क्या नगर पालिका और पार्षद सिर्फ कागजों में ही सक्रिय रहेंगे? या फिर इस खबर के बाद कोई जिम्मेदार मैदान में उतरकर सफाई की ‘असली’ तस्वीर बदलेगा…
फिलहाल, “कहा गए पार्षद?” का सवाल अब भी हवा में तैर रहा है… और मल्हापारा के लोग जवाब का इंतजार कर रहे हैं।
‘कहा गए पार्षद’ में आज के लिए इतना ही लगातार आगे और भी वार्ड की समस्या दिखाते रहेंगे और आपकी आवाज बने रहेंगे।


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