मुंगेली। कहा गए पार्षद में एक बार फिर आप सभी का स्वागत है। आज हम बात करेंगे मुंगेली नगर पालिका क्षेत्र के तीन वार्ड के जहां काली माई वार्ड, बशीर खान वार्ड और जवाहर वार्ड को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग इन दिनों बेहद गंदगी, बदबू और प्रशासनिक लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन चुका है। बी.आर. साव स्कूल के सामने काली माई गेट से लेकर कोशल डॉक्टर के घर तक सड़क किनारे फैले कचरे के ढेरों ने क्षेत्रवासियों का जीना मुश्किल कर दिया है, लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और नगर पालिका प्रशासन मानो गहरी नींद में सोए हुवे है।
वही स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र के पार्षद विभिन्न कार्यक्रमों, मंचों और सार्वजनिक आयोजनों में तो बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं, फोटो खिंचवाते हैं और जनता की सेवा के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन जब अपने ही वार्ड की मूलभूत समस्याओं को देखने की बात आती है तो उनकी मौजूदगी कहीं नजर नहीं आती। लोगों का सवाल है कि “आखिर जनता की समस्याओं को छोड़कर कार्यक्रमों में व्यस्त रहने वाले पार्षद इस बदहाल स्थिति पर कब ध्यान देंगे?”

क्या जनता ने उन्हें केवल फीता काटने और मंच की शोभा बढ़ाने के लिए चुना है, या फिर वार्ड की समस्याओं का समाधान करने के लिए?
सड़क किनारे घरेलू कचरे, सड़े-गले आम, नालियों से निकाली गई गंदगी और अन्य सड़नयुक्त सामग्री के ढेर लगे हुए हैं। पूरे क्षेत्र में असहनीय दुर्गंध फैली हुई है। हालात इतने खराब हैं कि राहगीरों को नाक पर कपड़ा रखकर गुजरना पड़ रहा है। कई बार मृत पशुओं के अवशेष तक यहां फेंके जाने की शिकायत सामने आई है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
स्कूल के सामने गंदगी, बच्चों की सेहत पर मंडरा रहा खतरा
यह मार्ग बी.आर. साव स्कूल के सामने से गुजरता है, जहां रोजाना सैकड़ों बच्चे, शिक्षक और अभिभावक आते-जाते हैं। बावजूद इसके सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आ रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि यही हाल रहा तो बरसात के मौसम में डेंगू, मलेरिया, टायफाइड जैसी बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं।
जनता का सवाल — क्या सिर्फ मंचों और कार्यक्रमों तक सीमित है जनसेवा?
लोगों का आरोप है कि पार्षद प्रतिदिन इसी मार्ग से गुजरते हैं और उनका निवास भी इसी क्षेत्र में है, फिर भी उन्होंने समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई पहल नहीं की। इससे जनता में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय जनता याद आती है, लेकिन समस्याओं के समय जनप्रतिनिधि गायब हो जाते हैं। जनता पूछ रही है कि क्या जनप्रतिनिधियों की संवेदनाएं मर चुकी हैं या फिर उन्हें जनता की तकलीफ दिखाई ही नहीं देती?
कार्रवाई नहीं हुई तो होगा आंदोलन
क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल कचरा हटाने, नियमित सफाई कराने और डस्टबिन की व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो नागरिकों को सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन और नगर पालिका कार्यालय का घेराव करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।


The News Related To The News Engaged In The Prime Chhattisgarh Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.
