मुंगेली। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टेमरी में आज नागपंचमी का पर्व श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने नागपंचमी के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय महत्व को समझा और पर्व के पीछे की मान्यता के बारे में जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम में बताया गया कि हिंदू धर्म में नागों को भगवान शिव से जुड़ा हुआ माना जाता है। नागपंचमी के दिन नाग देवता की पूजा कर उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने कालिया नाग का दमन कर यमुना नदी को उसके विष से मुक्त किया था, इसलिए भी नाग पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।
विद्यालय में विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि नागपंचमी केवल धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि प्रकृति और जीव-जंतुओं के संरक्षण का संदेश देने वाला पर्व है। सांप पर्यावरण के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा किसानों के लिए भी उपयोगी हैं, क्योंकि वे फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले चूहों एवं अन्य जीवों की संख्या नियंत्रित करते हैं।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अंधविश्वास से दूर रहते हुए वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता, करुणा और संरक्षण की भावना रखने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों की सहभागिता रही।

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