मुंगेली। “जिस सड़क को मुंगेली की शान बनना था, वह अब सवालों के घेरे में है… जिस गौरव पथ को विकास का प्रतीक बताया गया, आज वही कथित भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण की पहचान बनता नजर आ रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे इस प्रोजेक्ट में निर्माण पूरा होने से पहले ही दरारें दिखाई देने लगी हैं। डिवाइडरों में लगाए गए सजावटी मटके टूटने लगे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब भी खामोश हैं। आखिर यह लापरवाही है, मिलीभगत है या फिर जनता के पैसे से खुला खिलवाड़? देखिए हमारी यह विशेष रिपोर्ट…”
गौरव पथ या भ्रष्टाचार पथ?
करोड़ों की परियोजना में गुणवत्ता पर सवाल, जनता में भारी आक्रोश
शहर के विकास और सौंदर्यीकरण का सपना दिखाकर शुरू किया गया गौरव पथ निर्माण कार्य अब विवादों के केंद्र में आ गया है। करोड़ों रुपये की लागत से बन रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना में कथित अनियमितताओं और घटिया निर्माण के आरोपों ने जनता के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है।
निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ है और डिवाइडरों में लगाए गए बड़े-बड़े सजावटी मटकों में दरारें दिखाई देने लगी हैं। कई स्थानों पर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं, जिससे लोगों के मन में यह आशंका गहराने लगी है कि कहीं विकास के नाम पर सरकारी धन की बर्बादी तो नहीं की जा रही।
दरारों ने खोली निर्माण की पोल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस निर्माण को वर्षों तक टिकाऊ होना चाहिए था, उसकी वास्तविकता शुरुआत में ही सामने आने लगी है। लोगों का आरोप है कि तकनीकी मानकों की अनदेखी कर जल्दबाजी में काम कराया जा रहा है।
ठेकेदार की मनमानी या जिम्मेदारों की मेहरबानी?
शहर में चर्चा का विषय यह भी है कि लगातार शिकायतों के बावजूद निर्माण एजेंसी पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर किसके संरक्षण में यह सब चल रहा है?
नगर पालिका की चुप्पी पर उठे सवाल
सबसे ज्यादा नाराजगी नगर पालिका प्रशासन की भूमिका को लेकर है। जनता का कहना है कि जब खामियां साफ दिखाई दे रही हैं, तब भी जिम्मेदार अधिकारी मौन क्यों हैं? क्या उन्हें जनता के पैसों की फिक्र नहीं या फिर मामला कुछ और है?
इंजीनियरों की निगरानी पर भी सवाल
गौरव पथ निर्माण की मॉनिटरिंग के लिए तैनात इंजीनियरों की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में है। यदि निर्माण में खामियां हैं तो निरीक्षण के दौरान उन्हें कैसे नजरअंदाज किया गया?
जनता पूछ रही है जवाब
निर्माण पूरा होने से पहले दरारें क्यों?
गुणवत्ता जांच हुई या नहीं?
जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक क्या कार्रवाई की?
क्या पूरे मामले की स्वतंत्र जांच होगी?
अब निगाहें प्रशासन पर
मुंगेली की जनता अब जवाब चाहती है। देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और नगर पालिका इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करती है या फिर गौरव पथ पर लगे सवालों के निशान यूं ही बने रहते हैं।

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